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गुरुग्राम में मेट्रो का रूट को ले कर मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक बीच खींचतान

गुरुग्राम, 19 फरवरी, 2017, पत्ता पत्ता पंजाब
हरियाणा के गुरुग्राम में मेट्रो का रूट बदलने को ले कर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और भाजपा विधायक उमेश अग्रवाल के बीच खींचतान शुरु हो गई है। मुख्यमंत्री ने मेट्रो के रूट में किसी तरह के बदलाव से साफ इनकार किया है, जबकि अग्रवाल का कहना है कि उद्योग मंत्री ने एक बैठक कर इसके रूट में बदलाव कर दिया है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिख कर सारे मामले का खुलासा किया है, लेकिन लगता है भाजपा विधायक की चिट्ठी कहीं रास्ता भटक गई है।
मुख्यमंत्री ने इस बाबत अभी तक कोई चिट्ठी मिलने से इनकार किया है। गुरुग्राम क्षेत्र से हरियाणा में सबसे ज्यादा मतों से जीत कर विधानसभा में पहुंचने का रिकार्ड बनाने वाले उमेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के मेट्रो रूट में बदलाव से इनकार करने पर कहा है कि अफसर उन्हें गुमराह कर रहे हैं। ऐसी चर्चाएं तेज हो गई हैं कि इस मुद्दे को विधानसभा सत्र में विपक्ष के विधायक भाजपा सरकार के खिलाफ उछाल सकते हैं। सत्र 27 फरवरी से शुरु होगा।
मेट्रो के रूट में बदलाव की खबरें आने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फरीदाबाद में 14 फरवरी को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि मास्टर प्लान-2031 वर्ष 2013 में बना था और इसके मुताबिक सभी छह मेट्रो रूट ज्यों के त्यों हैं। उन्होंने मेट्रो रूट में बदलाव की खबरों को बेबुनियाद करार दिया, लेकिन भाजपा विधायक अग्रवाल मुख्यमंत्री से कतई सहमत नहीं हैं। उन्होंने फिर दोहराया है कि अफसर मुख्यमंत्री से सच्चाई छुपा रहे हैं।
अग्रवाल अपने कहे पर अब भी कायम हैं। उन्होंने एक बार फिर कहा है कि न केवल मेट्रो रूट बदला गया, बल्कि ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी भी बदल दी गई है। उन्होंने दावा किया कि मेट्रो के लिए जो रूट तय किया गया था, उसे उद्योग मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में 14 अक्टूबर, 2016 को राज्य सिविल सचिवालय में हुई बैठक में बदला गया। गुरुग्राम में प्रस्तावित ग्लोबल सिटी का बहाना बना कर रूट बदला गया। रूट बदलने से सैकड़ों एकड़ जमीन पर टीओडी पॉलिसी लागू हो गई। इसका राज्य सरकार से जुड़े लोगों ने भरपूर फायदा उठाया है।
इस बीच हरियाणा राज्य इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) के प्रबंध निदेशक सुधीर राजपाल का का कहना है कि गुरुग्राम में प्रस्तावित ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट को वायबल बनाने के लिए मेट्रो रूट में बदलाव किया गया है। इससे किसी प्राइवेट व्यक्ति को नहीं, बल्कि एचएसआईआईडीसी को ही लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े सलाहकार के सुझाव पर मेट्रो रूट में बदलाव किया गया है।
यह बदलाव अब ग्लोबल सिटी को जोड़ेगा। सवाल यह है कि जब एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुधीर राजपाल कह रहे हैं कि मेट्रो रूट में बदलाव किया गया है तो मुख्यमंत्री कैसे कह रहे हैं कि रूट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है?
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