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Manmohan Attacks Modi: ‘Investors Disappointed Over Indian Tax Terrorism

मोदी सरकार पर मनमोहन सिंह का बड़ा वार, कहा- ‘टैक्स टेररिज्म से देश में निवेशक हुए निराश'

Manmohan Attacks Modi: ‘Investors Disappointed Over Indian Tax Terrorism:

सूरत: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज जीएसटी और नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा निशाना साधा है. मनमोहन सिंह ने कहा है कि टैक्स टेररिज्म से देश में निवेशक निराश हुए हैं. उन्होंने कहा है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी की 6.3 फीसदी वृद्धि दर के रूप में आर्थिक मंदी का रुख उलट गया है.

गुजरात के चुनावी मौसम में पेशेवरों और व्यापारियों को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने जीडीपी में हुई ताजा वृद्धि पर कहा, ‘’इसमें छोटे और मझौले क्षेत्रों के आंकड़े नहीं हैं, जिसे नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू किए गए जीएसटी के कारण बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है.

मनमोहन सिंह ने आगे कहा, “यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि अर्थव्यवस्था में गिरावट का रुख खत्म हो गया है, जो पिछली पांच तिमाहियों से देखी जा रहा था. कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सीएसओ, जो इन आकंड़ों को जारी करता है, वह अनौपचारिक क्षेत्र पर जीएसटी और नोटबंदी के प्रभाव का सही आकलन नहीं करता है. जबकि अनौपचारिक क्षेत्र हमारी अर्थव्यवस्था का करीब 30 फीसदी है.”

Manmohan Attacks Modi: 'Investors Disappointed Over Indian Tax Terrorism

मनमोहन सिंह ने यह भी कहा, ‘’अभी भी बड़ी समस्याएं बरकरार हैं. कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर गिरकर 1.7 फीसदी हो चुकी है, जोकि पिछली तिमाही में 2.3 फीसदी थी. जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 4.1 फीसदी थी.” उन्होंने कहा कि कृषि के बाद सबसे ज्यादा नौकरियां विनिर्माण क्षेत्र में कम हुई हैं.

उन्होंने कहा, “हमारी जीडीपी की विकास दर में हरेक फीसदी की गिरावट से देश को 1.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होता है. इस गिरावट का देशवासियों के ऊपर पड़े असर के बारे में सोचें. उनकी नौकरियां खो गईं और नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर खत्म हो गए. व्यवसायों को बंद करना पड़ा और जो उद्यमी सफलता की राह पर थे, उन्हें निराशा हाथ लगी है.”

मनमोहन सिंह ने कहा कि कृषि और विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट इस तथ्य के बावजूद आई है कि सरकार अपनी परियोजनाओं पर खूब खर्च कर रही है. “यहां तक कि इसके कारण राजकोषीय घाटा पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य का महज सात महीनों में ही 96.1 फीसदी तक जा पहुंचा है. पूरे साल का लक्ष्य 5,46,432 करोड़ रुपये तय किया गया है.”

Manmohan Attacks Modi: 'Investors Disappointed Over Indian Tax Terrorismमनमोहन सिंह ने कहा, “इसका मतलब है कि विनिर्माण क्षेत्र पर निजी क्षेत्र द्वारा न्यूनतम खर्च किया जा रहा है, इसके बावजूद जीडीपी की विकास दर को लेकर अनिश्चितता बरकरार है. आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2018-19 में विकास दर 6.7 फीसदी रहेगी. हालांकि अगर यह 2017-18 में 6.7 फीसदी तक पहुंच भी जाती है तो मोदीजी के चार साल के कार्यकाल की औसत विकास दर केवल 7.1 फीसदी ही रहेगी.”

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, “यूपीए के 10 साल के औसत में अर्थव्यवस्था की रफ्तार पांचवें साल में बढ़कर 10.6 फीसदी तक आ गई थी. अगर ऐसा दोबारा होता है तो मुझे बहुत खुशी होगी, लेकिन सच कहूं तो मुझे ऐसा होने की उम्मीद नहीं है.”

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